Thursday, 9 May 2013

बाघ की मुक्ति

बाघ की मुक्ति
बाबा के समाधिस्थ होने के सात दिन पूर्व शिरडी में एक विचित्र घटना घटी । मसजिद के सामने एक बैलगाड़ी आकर रुकी, जिसपर एक बाघ जंजीरों से बँधा हुआ था । उसका भयानक मुख गाड़ी के पीछे की ओर था । वह किसी अज्ञात पीड़ा या दर्द से दुःखी था । उसके पालक तीन दरवेश थे, जो एक गाँव से दूसरे गाँव में जाकर उसके नित्य प्रदर्शन करते और इस प्रकार यथेएष्ठ द्रव्य संचय करते थे और यही उनके जीविकोवपार्जन का एक साधन था । उन्होंने उसकी चिकित्सा के सभी प्रयत्न किये, परन्तु सब कुछ व्यर्थ हुआ । कहीं से बाबा की कीर्ति भी उनके कानों में पड़ गई और वे बाघ को लेकर साई दरबार में आये । हाथों से जंजीरें पकड़कर उन्होंने बाघ को मसजिद के दरवाजे पर खड़ा कर दिया । वह स्वभावतः ही भयानक था, पर रुग्ण होने के कारण वह बेचैन था । लोग भय और आश्चर्य के साथ उसकी ओर देखने लगे । दरवेश अन्दर आये और बाबा को सब हाल बताकर उनकी आज्ञा लेकर वे बाघ को उनके सामने लाये । जैसे ही वह सीढ़ियों के समीप पहुँचा, वैसे ही बाबा के तेजःपुंज स्वरुप का दर्शन कर एक बार पीछे हट गया और अपनी गर्दन नीचे झुका दी । जब रदोनों की दृष्टि आपस में एक हुई तो बाघ सीढ़ी पर चढ़ गया और प्रेमपूर्ण दृष्टि से बाबा की ओर निहारने लगा । ुसने अपनी पूँछ हिलाकर तीन बार जमीन पर पटकी और फिर तत्क्षम ही अपने प्राण त्याग दिये । उसे मृत देखकर दरवेशी बड़े निराश और दुःखी हुए । तत्पश्चात जब उन्हें बोध हुआ तो उन्होंने सोचा कि प्राणी रोगग्रस्त थी ही और उसकी मृत्यु भी सन्निकट ही थी । चलो, उसके लिये अच्छा ही हुआ कि बाबा सरीखे महान् संत के चरणों में उसे सदगति प्राप्त हो गई । वह दरवेशियों का ऋणी था और जब वह ऋम चुक गया तो वह स्वतंत्र हो गया और जीवन के अन्त में उसे साई चरणों में सदगति प्राप्त हुई । जब कोई प्राणीससंतों के चरणों पर अपना मस्तक रखकर प्राण त्याग दे तो उसकी मुक्ति हो जाती है । पूर्व जन्मों के शुभ संस्कारों के अभाव में ऐसा सुखद अंत प्राप्त होना कैसे संभव है ।

Wednesday, 24 April 2013

Wednesday, 17 April 2013

ॐ श्री श्याम देवाय नमः । मैँ तो वृंदावन को जाऊँ सखी मेरे नैना लगे बिहारी संग .........

ॐ श्री श्याम देवाय नमः ।

मैँ तो वृंदावन को जाऊँ सखी मेरे नैना लगे बिहारी संग .........

Monday, 25 March 2013

Happy Holi


best holi wishes to all my dear friends and their dearest ones..
may u all play holi with your SELF..beautiful colors of love, joy , laughter and compassion .may the bright colors of the 7 wheels paint the canvas of your consciousness with bliss ..happy holi again
 —

Friday, 22 February 2013

price of light


Faith


Advice


True statement


अरंज़े मेरिज़े की परिभाषा



अरंज़े मेरिज़े की परिभाषा
बिका  हुआ  माल  वापिस  नहीं  होगा,
लव  मेरिज़े की परिभाषा
पहले  इस्तेमाल  करे  फिर  विश्वाश  करे.............

Do Good work Only


Do Great Man


पापी चाहे कितनी भी चतुराई से पाप करे अंत में पापी को, पाप का दंड भुगतना ही पड़ता है!


success is challenge


Wednesday, 20 February 2013

OUR EYES


Special Quote


यही जिंदगी है!


चलो बाँट लेते हैं , अपनी सज़ाएँ. न तुम याद आओ, न हम याद आएँ. ......

चलो बाँट लेते हैं , अपनी सज़ाएँ.
न तुम याद आओ, न हम याद आएँ.
 

उनके आने से आ जाती है चेहरे पे रौनक वो समझते हैं कि बीमार का हाल अच्छा है।

उनके आने से आ जाती है चेहरे पे रौनक
वो समझते हैं कि बीमार का हाल अच्छा है।
 

कितनी अजीब बात है


suvichar